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Monday, 9 September 2024

काश मे भी उस दिन तेरे साथ स्कूल छोड़ कर भाग आया होता

 एक स्कूल के प्रिंसिपल एक बड़ी मीट की दुकान में घुसे और काउंटर पर बैठे लड़के से कहा कि मुझे दो किलो मीट दे दो।

वहां लड़के ने कहा हां सर आप बैठिए और एक कप चाय भी दी और अपने कर्मचारियों से दो किलो अच्छा मीट बनाने को कहा.

गोश्त को बैग में डालने के बाद कर्मचारियों ने खुद जाकर गाड़ी में रख दिया.

जब प्रिंसिपल ने पैसे देने चाहे तो लड़के ने बड़ी अज़ीज़ि से मना कर दिया और कहा कि आप तो हमारे टीचर हैं सर 

जब प्रिंसिपल ने पूछा बेटा तुमने मेरी इतनी खिदमत की और मीट के पैसे भी नहीं लिए, क्या तुम मुझे जानते हो? 

तो इस लड़के ने कहा आप मेरे टीचर हैं. 


क्या आपको याद है 10-12 साल पहले जब मे आपके स्कूल मे पड़ता था जब मैंने क्लास मे एक में गलती की थी, आपने कहा था कि जब तक आप अपने वालिद को अपने साथ नहीं लाओगे तब तक आप क्लास में प्रवेश नहीं कर सकते, इसलिए मैं स्कूल से भाग गया था और एक कसाई के यहाँ काम पे लग गया 


उसके बाद मेने काम सीख कर तरक़्क़ी करता गया और आज मेरे पास शहर मे 4 दुकानें, 2 घर, 1 फार्म हाउस और 3 लगज़री गाड़िया हैं 

अगर आप मुझे उस दिन स्कूल से न भगाते तो मे भी आज कही 15-20 हजार की नौकरी कर रहा होता या रेजयुम हाथ मे लेकर ऑफिस ऑफिस घूम रहा होता 


इतना सुनकर प्रिंसिपल साहब ज़ारो क़तार रोने लगे और बोले की काश मे भी उस दिन तेरे साथ स्कूल छोड़ कर भाग आया होता

लेखक सुनिल राठौड़ 


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