sunilrathod

Sunday, 1 September 2024

अकेलेपन

 राहुल** ने जैसे ही ऑफिस जाते वक्त **कैलेंडर** पर नजर डाली, आज की तारीख देखकर उसका मन टूट गया। आज **9 जनवरी** थी और उसकी दुनिया में **अकेलेपन** की पहली बरसी थी। **शिवानी**, उसकी पत्नी, को गुज़रे पूरा एक साल हो गया था। कानून और समाज की नज़र में वे आज भी शादी के बंधन में बंधे थे, पर यह बंधन बस नाम का ही रह गया था। शिवानी को गए लंबा अरसा हो चुका था, और राहुल इस रिश्ते को खत्म करने की कोशिश में कभी आगे नहीं बढ़ पाया। 🥀


शिवानी के जाने का दर्द आज फिर ताज़ा हो उठा। राहुल ने अपने **लैपटॉप बैग** और **मोबाइल** को मेज पर रखा और नौकरानी शांति को एक कप **कॉफी** बनाने की हिदायत देकर **अलमारी** की ओर बढ़ गया। उसने उस नीले कवर वाले **लिफाफे** को निकाला, जिस पर आज भी शिवानी की लिखावट में '**राहुल**' लिखा हुआ था।


लिफाफे में **शिवानी का एक खत** था। उसने लिखा था, **"राहुल, मैं अपने जज्बातों को इस खत में उकेर कर जा रही हूं। जब यह चिट्ठी तुम्हें मिलेगी, मैं इस दुनियावी आडंबरों से बहुत दूर जा चुकी हूंगी। कल रात मुझे फिर वही सपना आया, तुम मुझे एक पार्टी में ले गए थे। सब हंसते और बात करते थे, फिर अचानक उनके चेहरे पर भयानक हंसी आ गई। तुम्हारा चेहरा भी डरावना हो गया।"**


राहुल को याद आया कि वह कितना **गुस्सैल** हो गया था। वह शिवानी पर अपना गुस्सा उतारता रहता था, जबकि शुरू में ऐसा नहीं था। उनका **वैवाहिक जीवन** खुशहाल था, पर धीरे-धीरे काम के बोझ ने राहुल को इतना परेशान कर दिया कि वह शिवानी पर अपनी सारी फ्रस्ट्रेशन निकालने लगा था। 😔


राहुल ने खत का बचा हिस्सा पढ़ना शुरू किया। शिवानी ने लिखा था, **"तुम्हारे गुस्से के बावजूद मैं तुम्हें प्यार करती रही, पर तुमने मुझे कभी प्यार नहीं दिया। तुम मेरे मोटापे का मज़ाक उड़ाते थे, जबकि मेरे हाइपोथायराइडिज्म के कारण मेरा वजन बढ़ गया था। मैंने तुम्हारी हर खुशी के लिए सब कुछ किया, पर तुम्हारी नज़रों में मैं हमेशा बुरी ही रही।"**


राहुल के दिल में कांटे चुभने लगे, लेकिन वह उस पीड़ा को भोगना चाहता था। उसने खत का अगला हिस्सा पढ़ना शुरू किया। शिवानी ने लिखा था, **"मैं अब इस रुग्ण मानसिक अवस्था का हिस्सा नहीं बन सकती। मुझे अपने वजूद को फिर से पाना है।"**


राहुल ने उस खत को बहुत देर तक थामे रखा। पिछले एक साल ने उसे बहुत कुछ सिखाया। उसे एहसास हुआ कि **पत्नी** केवल शोपीस नहीं होती, वह जीवन का अभिन्न अंग होती है। इस एक साल में उसने कई बार सोचा कि वह शिवानी को **फोन** करेगा और अपनी ज्यादतियों के लिए **माफी** मांगेगा। 📜💔


आज वह उसे बताना चाहता है कि उसे अपनी सभी **गलतियों** का एहसास है और उसे शिवानी की मुस्कान से प्यार है। वह जैसी भी है, उसकी अपनी है। अब वह और **इंतजार** नहीं कर सकता, उसे शिवानी को बताना है कि वह उससे बहुत **प्यार** करता है और उसकी हर कमी के बावजूद उसे अपनाना चाहता है। ❤️🌹

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