मेरी किताब — मेरी जिंदगी की सच्ची कहानी यह किताब किसी कल्पना से पैदा हुई कहानी नहीं है। यह मेरी जिंदगी का वह आईना है, जिसमें मैंने अपने जीवन के अच्छे-बुरे, सुख-दुख, संघर्ष, रिश्ते, गलतियां, सफलताएं, असफलताएं और उन सभी परिस्थितियों को ईमानदारी से दर्ज करने की कोशिश की है, जिन्होंने मुझे आज का इंसान बनाया। हर इंसान की जिंदगी बाहर से जितनी सरल दिखाई देती है, अंदर से उतनी ही कहानियों से भरी होती है। मेरी जिंदगी भी ऐसी ही रही है। मैंने बहुत कुछ पाया है, बहुत कुछ खोया है,
sunilrathod
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात.. राज नेता, कुछ विपक्षी दल,संगठन,मीडिया.सभी, के सभी अपनी अपनी र...
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मैने कहा क्यों मेरे लिए स्वयं को बर्बाद कर रहे हो, ये जानते हुए भी की मेरी शादी हो गई है, आप भी कोई अच्छी लड़की देख कर शादी क्यों नही कर ले...
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तुम्हें देखे..... बिना जाने.....तेरी तस्वीर बनादी है।2 तुम्हें चाहे..... बिना चाहे..... तेरी सूरत बना दी है। तू कितनी खूबसूरत है....ते...
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खरेच मंत्री संजय राठोड यांनी बंजारा समाजासाठी काय केले ? *मंत्री संजयभाऊ राठोड यांचेवर प्रश्न निर्माण करणा-यांच्या माहितीकरीता.* बंजारा आरक...
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सभी को प्रणाम। सबसे पहले मैं आपको अपना परिचय देता हूँ। मेरा पूरा नाम सुनील नारायण राठौड़ है। मेरा जन्म 22 अप्रैल 1989 दिन बु...
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एक स्कूल के प्रिंसिपल एक बड़ी मीट की दुकान में घुसे और काउंटर पर बैठे लड़के से कहा कि मुझे दो किलो मीट दे दो। वहां लड़के ने कहा हां सर आप ब...