प्रेम किसी भी इंसान को सिर्फ किसी के साथ सुख भोगने के लिए नहीं होता, ,,प्रेम में तो एक दूजे का दुःख भी बांटा जाता है,,, और जो आपका साथ दुःख में ना दे पाए छोड़ जाए अपनी मजबूरी या कोई भी वजह बता कर ,,,वह या तो आपका सिद्दत वाला प्यार देखकर आप पर तरस खाता है या आपके पागलपन वाला प्यार देखकर सिर्फ आपका फायदा उठाता है
जिसके साथ तुम अपना दुःख बाँटने में समर्थ हो और जो आपका दुख सुनकर आपका हाथ पकड़ कर तब तक बैठा रहे जब तक आप खुद को संभाल नहीं लेते ,, या जो तुम्हारी चुप्पी से जान ले तुम आज परेशान हो उसे फर्क पड़े उतना ही तुम्हारी खामोशी से जितना तुम्हें लग रहा होता है अंदर से ,,,,,समझो बस वही है इस समस्त संसार में तुम्हारा सच्चा साथी.... तुम्हारा प्रेम... क्योंकि सच्चे प्यार से कुछ भी छुपा नहीं होता ना.. देह और ना आत्मा
लेखक: सुनिल राठौड़ ❣️
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