sunilrathod

Sunday, 1 September 2024

सिर्फ पत्नी कह देने भर से पत्नी ..... पत्नी नहीं बन जाती✍🏻

 सिर्फ पत्नी कह देने भर से पत्नी 

..... पत्नी नहीं बन जाती✍🏻

उसे भी कुछ हक़ देने पड़ते हैं

दुनिया तो जुदा करती है ..... पर

मिलन की सिंदूरी शामें देनी पड़ती है🤟🏻

 दिन-भर की थकी आँखों पर .... होंठों🫦 की छुअन देनी पड़ती है☺️

कभी हँसी कभी शरारत में .... 

कलाई से खींच कर सीने से लगानी पड़ती है

 महज़ चार दीवारें लेकर ..... 

वो महफ़ूज़ नहीं होगी

उसे भी बाँहों के घेरे की ..... 

सुरक्षा देनी पड़ती है❤️

 फूल दे देने से ..... नहीं झलकती मौहब्बत🌹

काँटों से भी ....

महफ़ूज़ रखनी पड़ती है🤟🏻

 एक सिर्फ़ देह से लिपटना ही ... ज़रूरत का नहीं है उसका धर्म 

रुह की परतें भी ...... हरी करनी पड़ती है  

लेखक: सुनिल राठौड़ 





No comments:

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..

 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..   राज नेता, कुछ विपक्षी दल,संगठन,मीडिया.सभी, के सभी अपनी अपनी र...