स्त्रियों में एक ऐसा गुण होता है जो वाकई अद्भुत है। यह गुण है कि चाहे कोई पुरुष कितना भी सभ्य और सौम्य भाषा में उनसे बात करे, स्त्री तुरंत ही उस पुरुष के मन को भांप लेती है, उसे पढ़ लेती है। चंद बातों में ही वह पुरुष की प्रामाणिकता, उसके अंदर छिपी कामुकता, या उसके भीतर के फूलों और कचरे को भी जान लेती है।
स्त्रियों में एक ऐसा गुण होता है जो वाकई अद्भुत है। 🌸 यह गुण है कि चाहे कोई पुरुष कितना भी सभ्य और सौम्य भाषा में उनसे बात करे, स्त्री तुरंत ही उस पुरुष के मन को भांप लेती है, उसे पढ़ लेती है। चंद बातों में ही वह पुरुष की प्रामाणिकता, उसके अंदर छिपी कामुकता, या उसके भीतर के फूलों और कचरे को भी जान लेती है।
लेकिन स्त्री को समझना पुरुषों के लिए बड़ा कठिन होता है। 💫 'स्त्री बिना पुरुष' अधूरा ही नहीं, बल्कि असंभव भी है। पर दिलचस्प बात यह है कि बिना पुरुष के भी स्त्री अधूरी होकर भी अस्तित्वमान रह सकती है। यही कारण है कि स्त्री, बेशक नाजुक हो, फिर भी जीवन की जननी है।
स्त्रियों में छिपे इस गुण के कारण उन्हें सिर्फ आदर या सम्मान की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की नितांत आवश्यकता है। लेकिन स्त्री को समझना पुरुषों के लिए बड़ा कठिन होता है। 💫 'स्त्री बिना पुरुष' अधूरा ही नहीं, बल्कि असंभव भी है। पर दिलचस्प बात यह है कि बिना पुरुष के भी स्त्री अधूरी होकर भी अस्तित्वमान रह सकती है। यही कारण है कि स्त्री, बेशक नाजुक हो, फिर भी जीवन की जननी है।
स्त्रियों में छिपे इस गुण के कारण उन्हें सिर्फ आदर या सम्मान की नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की नितांत आवश्यकता है।
लेखक: सुनिल राठौड़
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