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Sunday, 18 August 2024

भाई बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं।।

 ✍️✍️आज से 6 साल पहले घर की हालत बहुत खराब हो चुकी थी।। खैती कारोबार सब घाटे में चल रहा था।।इसी बीच रक्षाबंधन का त्योहार आया ।।

✍️✍️ हर वर्ष की तरह उस वर्ष भी बहन राखी बांधने आई ।।मैं चारों तरफ से परेशान होकर घर में बैठा था।। बहिन के आते ही परिवार के बच्चों ने बुआ के आने की खुशी जाहिर की।।

✍️✍️जेसे ही मैंने अपनी पत्नी को बहिन के लिए चाय नाश्ते का बोला वह तुरंत मुंह फुला कर अंदर चली गई।।

✍️✍️ मुझे कमरे में बुलाया और बोली एक तो उपर से इतनी तंगी आ चुकी हैं और ऊपर से आपकी बहन और आ गई।। इनका तो काम ही यही है कोई भी थोड़ा सा त्यौहार आता है तो मुंह उठाकर चली आती है ।। इनको पता है भाई से कुछ पैसे और कपड़े मिल जाएंगे।। लेकिन अबकी बार मेरे पास इसको देने के लिए कुछ भी नहीं है।।

✍️✍️ मैं पत्नी की बातों को सुनता रहा लेकिन कुछ नहीं बोला ।। कुछ समय बाद बहिन ने राखी बांधी लेकिन उस दिन बहन को देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं था।।

✍️✍️ बहिन ने दिन दिन में आते ही वापस जाने की तैयारियां शुरू कर ली मेरी हिम्मत नहीं हुई कि मैं बहन को एक रात का बोलकर रोक सकूं।।

✍️✍️ जाते वक्त बहन ने मुझे एक कपड़े में बंधा कुछ सामान दिया और वापस जाने की इजाजत ली ।।मैं बहन को बस स्टैंड तक छोड़ कर आना चाहता था लेकिन पत्नी के हाव भाव देखकर हिम्मत नहीं हुई।। बहन के चले जाने के 10 मिनट बाद मैंने कपड़े में बंधे समान को खोला जिसमें एक पत्र था।। पत्र में लिखा था 👇👇

✍️✍️प्यारे भैया मुझे पता है आप किन परिस्थितियों से गुजर रहे हो और आपके घर की हालत क्या है ।।आपके दुख दर्द को मुझसे ज्यादा कोई नहीं समझ सकता।। मैं आपके चेहरे को कभी भी उदास नहीं देख सकती ।। मुझे पता है आप बहुत घाटे में चल रहे हैं इसलिए मैं मेरे सारे गहने, जेवरात आपको देके जा रही हुं ताकि आप इनको बेचकर अपना कारोबार शुरू कर सकें और वापस आपके चेहरे पर खुशी आ सके ।। बच्चों और भाभी का ध्यान रखना।।

✍️✍️ पत्र पढ़ते ही मेरे हाथ कांपने लगे आंखों में आंसू रुक नहीं रहे थे जल्दबाजी में मोटरसाइकिल उठाया और बस स्टैंड की तरफ दौड़ा लेकिन जब बस स्टैंड पर पहुंचा बहन जा चुकी थी।।

✍️✍️ रोते रोते घर वापस आया जाने अनजाने में हम दोनों ने बहन का बहुत दिल दुखा दिया ।। आज मुझको एहसास हो गया था की मुसीबत के समय केवल भाई ही नहीं बहन भी भाई की रक्षा करती है।।

✍️✍️दोस्तों यह कहानी मेरी खुद की नहीं है मैंने इसको कहीं पढ़ा था पढ़कर मेरी भी आंखों में आंसू आ गए थे मैंने सोचा इस कहानी को लिखकर इसे दोस्तों में प्रेषित किया जाए।। सच में बहन कभी भाई का बुरा नहीं चाहती। 

✍️✍️ सभी दोस्तों को भाई बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं।।

              

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