sunilrathod

Saturday, 17 August 2024

असली समस्या प्राइवेसी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले विचार हैं।

 मेरे मन में यह धारणा थी कि अगर मैं अपनी पत्नी के साथ प्रेम, वासना और उसकी सभी जरूरतें पूरी करूं तो हमारा जीवन सुखदायी होगा। मेरी खुद की व्यापारिक पृष्ठभूमि थी, इसलिए मुझे ऐसी लड़की चाहिए थी, जो स्मार्ट हो और व्यापार में मेरी मदद कर सके। कई लड़कियों के बाद, मेरी शादी अंजली से हुई। अंजली न केवल सुंदर थी, बल्कि बुद्धिमान भी थी।

शादी के शुरुआती तीन महीनों में, मैंने उसे बहुत खुश रखा। हमारे बीच शारीरिक संबंध अच्छे थे, और मुझे ऐसा लगता था कि मुझे एक ऐसी लड़की मिल गई है जो बिना बोले मेरी जरूरतें समझती है। मुझे लगता था कि एक अच्छे वैवाहिक रिश्ते के लिए शारीरिक सुख का होना बहुत जरूरी है।

धीरे-धीरे, शारीरिक संबंधों में मेरी रुचि कम होने लगी और काम के दबाव के कारण भी यह करना कठिन हो गया। असली समस्या तब शुरू हुई जब अंजली ने मुझसे अलग फ्लैट में रहने की मांग की। उसने कहा कि उसे प्राइवेसी चाहिए, जो कि मम्मी-पापा के साथ रहते हुए संभव नहीं है।

जब मैंने इस बारे में अपने माता-पिता से बात की, तो पापा को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन मां ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि बहू को उनके हिसाब से रहना होगा।

इस बीच, मैंने अंजली के फोन पर देखा कि वह इंस्टाग्राम पर एक कपल की रील देख रही थी, जिसमें बताया जा रहा था कि क्यों लोगों को अपने मां-बाप से अलग रहना चाहिए। यह रीलें देखने के बाद, मुझे समझ आया कि असली समस्या प्राइवेसी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले विचार हैं।

मैंने तय किया कि मां-बाप को किसी भी कीमत पर छोड़ना सही नहीं है। इसके बजाय, मैंने अंजली को अपने ऑफिस में शामिल किया और जब भी वह रील देखती, मैं उसे कोई काम दे देता। धीरे-धीरे उसने रील देखना बंद कर दिया और हमारा वैवाहिक जीवन भी सामान्य हो गया।

आज भी, कभी-कभी मजाक में मैं उससे कहता हूं कि अलग घर ले लेते हैं, ताकि तुम छोटे कपड़े पहन सको। तो वह मुझे आंख दिखाने लगती है।

दोस्तों, यह समस्या हर घर में है। हमें यह समझना चाहिए कि मोबाइल और सोशल मीडिया अनजाने में हमारे परिवार, संस्कार और संस्कृति को तोड़ने का काम कर रहे हैं।

No comments:

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..

 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..   राज नेता, कुछ विपक्षी दल,संगठन,मीडिया.सभी, के सभी अपनी अपनी र...