जीवन साथी सम्भोग साथी होते हैं पर सम्भोग साथी जीवन साथी नहीं... 🚫❤️
आज की नई लड़कियों और लड़कों को मैं यह बताना चाहती हूं। हमारे समाज में सामान्यत: जीवन साथी ही सम्भोग साथी होते हैं, पर इन दिनों मैं देख रही हूं कि एकल स्त्रियां, विवाह विच्छेद स्त्रियां और कई बार विवाहिता स्त्रियां भी ऐसे पुरुषों के साथ इन्वॉल्व हो रही हैं जो पहले से विवाहिता हैं और जिनका अपना घर-परिवार है। 😔
सेक्स के साथ ये स्त्रियां इमोशनली भी ऐसे पुरुषों से जुड़ जाती हैं और उन पर भरोसा भी कर बैठती हैं कि इन दोनों के बीच का रिश्ता सिर्फ़ इन दोनों तक है, किसी तीसरे को इसके बारे में ज़रा भी भनक नहीं लगेगी। 💔
पर रुकना मेरी जान, यहीं तुम शातिर पुरुष से मात खा जाती हो। जो अपनी बीवी-बच्चों को धोखे में रखकर तुम्हारे साथ होने का नाटक कर रहा हो, वो तुम्हारा कभी नहीं हो सकता। तुम्हें नहीं पता वो कहां-कहां, किसके-किसके बीच बैठकर तुम्हारे चरित्र का चीरहरण कर रहा है और बेशरम होकर तुम्हें मात्र ट्रॉफी की तरह देख रहा है। 😡
वो खुद को इतना कूल समझ रहा है कि बीवी होने के बाद भी कोई दूसरी स्त्री उस पर फ़िदा है। तुम उस पर भरोसा कर उस पर खुद को लुटाए जा रही हो और वो लुटेरा बनकर तुम्हारे शरीर और मन दोनों से खेल रहा है। साल दो साल, दस साल बाद भी वह अपने परिवार के साथ ही रहेगा। सारे गुनाह के बाद भी उसकी मां, बीवी, बच्चे सब उसे अपना लेंगे और बुरी होगी सिर्फ़ तुम। 🤯
क्योंकि ऐसे मामले में परिवार की नज़र में पुरुष बेचारा होता है, जिसे महिला ने अपने प्रेम जाल में फांस लिया था। तुम एक बार फिर से टूटे हुए मन से बुरे रिश्तों का मातम मनाती रह जाओगी। इसलिए ज़रा संभालो खुद को, एक आग की लपट से बचने के लिए दूसरे आग के कुएं में मत कूदो। 🔥
**समझदारी से काम लो और अपने आप को ऐसे धोखेबाजों से बचाओ।** 🚨
आपकी इस कहानी से क्या सीख मिली? कमेंट करके जरूर बताइएगा। 😊✨
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