स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..
राज नेता, कुछ विपक्षी दल,संगठन,मीडिया.सभी,
के सभी अपनी अपनी रोटी सेखने के चक्कर में देश कों खोकला करने में लगे है।सही मुद्दे पर बात करने वाले की आवाज को दबा दिया जाता है । या हमेश के लिए बंद कर दिया जाता है.. राजीव दीक्षित जी के जैसा ......
हमारी हैसियत तो नहीं है कि हम अपनी राय. देश के हित में दे सके लेकिन..हमारे विचार से हमे जो ठीक लगा हम ने किया ओर समय समय पर अपनी आवाज उठाते रहते है सोशल मीडिया के माध्यम से.
आप ने अभी कुछ दिन पहले जंतर मंतर पर भी देखा होगा कितने लोगों ने आंदोलन में भाग लिया और कितने लोग ईमानदारी से इस आंदोनाल का हिस्सा बने.ओर कुछ महा पुरुष तो आंदोलन के माध्यम से अपनी पार्टी को प्रमोट करने लगे थे..
साथियों कहने के लिए बहुत कुछ है ...पर क्या करे हमारे देश का युवा.आज भी न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है.. किसानो की हालत दिन प्रति दिन खराब हो रही है।
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सरकार हामी से पैसे लेकर हमारी माता बहनों को पैसे बाट रही है। लाडली बहनो को.
असली मुद्दे की कोई बात ही नहीं करता ।
जब राघव चड्डा जी जैसे बेबाक नेता को भी चुप करा दिया तो आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हो ।देश में क्या हो रहा है ।में किसी भी पार्टी के पक्ष विपक्ष की बात नहीं कर रहा न कोई राजनीति बहस कर रहा हु ।
मेरा सरकार के निवेदन है कि जनता की आवाज बने .. जनता को जनता समझे नहीं जानवर..आप ने।आप यदि किसी रेलवे के जनरल डिब्बे में जाकर देखन कैसे जानवरों जैसे गरीब लाचार लोगों को ठूस ठूस कर भरा जाता है ..क्या देश में कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो जनता के हित की बात करे...
जाने दो में किसी भी पार्टी के जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहता हु..मेरा बस इतना सा सुझाव है कि.. गरीब जनता की हाय लेकर अपनी रणनीतिक रोटी मत सेको..ओर जनता के हित में अपनी आवाज उठाओ कृपया जय हिन्द जय भारत। जय किसान