sunilrathod

Thursday, 11 March 2021

गोर बंजारार कविता

 बंजारा एक महान समाज छ,,,

 तम समाजेर गौरव छो,,,,

गोर बंजारा भारतेर अभिमान छ,,,,

गोर बंजारार तांडो सबेती महान छ,,,

भारतेर सारी राज्यम गोर बंजारा छ,,

संत सेवा भायार भक्त सारी जगेम छ,,

गौर समाजेर धर्म गुरु रामराव बापू छ,,

अखिल भारतीय चैतन्य साधक परिवारेर हम गौर छा,,

गोर बंजारा भारतेर अभिमान छ,,,2, 

देश विदेशेम संत सेवा भायार नाम छ,, 

सेवाभाया सबेती महान छ,,,,2


बंजारा फाउंडेशने सारू, एक कविता लिखो छू, 

गोर बंजारान तमार कामें पर अभिमान छ,,,

      

जय सेवालाल 

                         लेखक

                     सुनील राठौड़

1 comment:

रिश्ते टूटते नहीं। बस रिश्ते दिल से होना चाहिए

 कोर्ट में पेपर पर आखिरी साइन होते ही वकील मुस्कुराया और बोला, “लो मैडम, अब आपका डिवोर्स हो गया है। कोर्ट ने आपको 10 लाख रुपये हर्जाने के तौ...