sunilrathod

Monday, 18 November 2024

रचनाकार की कृति ।शब्द *रचे* जाते हैं,


शब्द *रचे* जाते हैं,

 शब्द *गढ़े* जाते हैं,

  शब्द *मढ़े* जाते हैं,

   शब्द *लिखे* जाते हैं,

    शब्द *पढ़े* जाते हैं,

     शब्द *बोले* जाते हैं,

      शब्द *तौले* जाते हैं,

       शब्द *टटोले* जाते हैं,

        शब्द *खंगाले* जाते हैं,

               ... इस प्रकार

शब्द *बनते* हैं,

 शब्द *संवरते* हैं,

  शब्द *सुधरते* हैं,

   शब्द *निखरते* हैं,

    शब्द *हंसाते* हैं,

     शब्द *मनाते* हैं,

      शब्द *रूलाते* हैं,

       शब्द *मुस्कुराते* हैं,

        शब्द *खिलखिलाते* हैं,

         शब्द *गुदगुदाते* हैं, 

          शब्द *मुखर* हो जाते हैं

           शब्द *प्रखर* हो जाते हैं

            शब्द *मधुर* हो जाते हैं

               ... इतना होने के बाद भी

शब्द *चुभते* हैं,

 शब्द *बिकते* हैं,

  शब्द *रूठते* हैं,

   शब्द *घाव देते* हैं,

    शब्द *ताव देते* हैं,

     शब्द *लड़ते* हैं,

      शब्द *झगड़ते* हैं,

       शब्द *बिगड़ते* हैं,

        शब्द *बिखरते* हैं

         शब्द *सिहरते* हैं

               ... परन्तु

शब्द कभी *मरते नहीं*

 शब्द कभी *थकते नहीं*

  शब्द कभी *रुकते नही

Tuesday, 12 November 2024

जिस्म से जिस्म की गर्माहट का तो पता नहीं..

 तेरे छूने मात्र से मैं महक उठती हूं...

 बाहों में लेने से तेरी मैं बहक उठती हूं...

 जिस्म से जिस्म की गर्माहट का तो पता नहीं...

 मगर तेरे आलिंगन से ही मैं लहक उठती हूं...

 अधरो का कंपन फिर रुकता नहीं...

 और फिर मैं धीरे-धीरे खुद को तुझे सौंपने लगती हूं...

 क्या होगा अंजाम ये ख्याल भी मुझे फिर सताता नहीं...

 उस वक्त तेरे सिवा मुझे कुछ और भाता नहीं....

 प्रेम में मिलन बड़ा ही सुखद होता है....

 शब्दों में बयां ना हो पाए जो, ये वैसा होता है...

 ना समझ पाएगा कोई इस एहसास को...

 प्रेम से ऊपर भी क्या कुछ और होता है....

 ✍️

सेक्स ही तो करना है बाबू चाहे अभी करें या बाद में करें, शादी तुम्हारे साथ करनी है

 सेक्स ही तो करना है बाबू चाहे अभी करें या बाद में करें, शादी तुम्हारे साथ करनी है तो मेरा मन करेगा तो तुम्हारे साथ ही शेयर करूंगा ना कि किसी और के साथ शेयर करूंगा, 

और इस तरह मुकुल और अदिति की पहली संभोग वाली रात हुई 

लेकिन उससे पहले ये दोनों मिले कैसे थे इसे देखत हैं 


अदिति कॉलेज के प्रथम वर्ष में थी एक मिडिल क्लास लड़की, घर परिवार की इज्जत करने वाली, पैसे ज्यादा नहीं थे तो अदिति के पास पढ़ाई कर के अच्छी नौकरी करने के अलावा कोई और options नहीं था पर


कॉलेज प्रतिदिन अदिति आती थी, और उसी कॉलेज के आप पास अपने काम से मुकुल भी रहता था, मुकुल की नज़रे जब अदिति पर पड़ी तो वो उसे निहारता रह गया 


काफी कोशिश के बाद भी मुकुल की बात ना हो सकी 

फिर मुकुल ने नेहा से दोस्ती की जो की अदिति की दोस्त थी 

और नेहा के जरिए अदिति से दोस्ती की 

मुकुल ने बताया कि उसके पापा बड़े व्यापारी हैं और वो व्यापार के काम से ही रोज कॉलेज के पास आता है 

और उसकी नज़रे अदिति पर पड़ी, 


मुकुल वास्तव में हैंडसम था, पैसा वाला था और व्यवहार तो ऐसा जिसे देखते हो कोई भी कायल हो जाए 


मुकुल हर संभव प्रयास करता की वो अदिति का दिल जीत सके और अदिति का पूरा अटेंशन प्राप्त करे 


अदिति की हर छोटी बड़ी जरूरतों का ध्यान रखता था, कुछ भी काम हो तुरंत हो जाता था 

धीरे धीरे अदिति का भी मन बदला और वो मुकुल को पसंद करने लगी, उसे ये एहसास हो गया था कि मुकुल के रहते अब उसे कभी किसी और की जरूरत नहीं पड़ेगी 


धीरे धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई, दोनो जवान थे और जवानी के समय अपने अरमानों को दबाना हर किसी के बस की बात नहीं होती 


मुकुल ने अदिति को बोला क्या वो शादी करेगी, अदिति चाहती थी कि शादी हो पर हां नहीं बोल पा रही थी 


क्यों कि उसे पता था वो एक मिडिल क्लास लड़की है, और मुकुल एक रहीस उसकी फैमली कभी ऐसी ग्रैंड शादी नहीं कर पाएंगे 


उसने दबे मन से बोला 

देखो मुकुल मै तुमसे प्यार करती हूं लेकिन कभी शादी नहीं होगी हमारी क्यों मेरे पापा इतना खर्च नहीं कर पाएंगे 


मुकुल ने हंसते हुए बोला अरे मैं कौनसा दहेज मांग रहा हूं। मैं तो बस तुमको चाहता हूं 


अदिति ने बोला दहेज तो हम वैसे भी नहीं दे पाएंगे एक साधारण शादी कर लें वहीं बहुत हैं हमारे लिए लेकिन तुम्हारे परिवार को ग्रैंड और महंगी शादी चाहिए 


मुकुल ने बोला हां चाहिए तो 

एक काम करो मेरे पास 1 करोड़ की सेविंग्स है 50 लाख तुम रखो और शादी के लिए घर पे बात करो 

ये बात सिर्फ मेरे और तुम्हारे परिवार के बीच होगी 


अदिति ने सोचा आज के समय में कौन इतना सोचता है किसी लड़की केलिए 


और उसने अगले दिन मुकुल की बात मान ली 


अब दोनो अपने जिंदगी में खुश थे, मुकुल ख्याल रखता 


और दोनो एक दिन होटल में मिलने का प्लान किए मुकुल ने बोला कि मुझे तुम्हारे साथ sex करना है 


अदिति ने मन किया कि शादी के बाद, मुकुल बोला शादी तो होनी ही है बाबू और तुमसे होनी है इसमें पहले बाद में क्या अब तुम्हे देख के मुझे फीलिंग्स आती है तो तुमसे ना बोलूं तो किससे बोलूं, 

अदिति मानती है और मुकुल के साथ सहवास करती है 


और धीरे धीरे ये हर महीने और हर हफ्ते होता है 


मुकुल ने मजाक मजाक में अदिति के साथ वीडियो बनाई अदिति जानती थी कि ये मजे के लिए कर रहा है और वीडियो फोटो क्लिक करने में उसका साथ देती 

लेकिन बोलती इसे डिलीट करना मुकुल बोला ठीक है 


इसके बाद दोनो बाहर खाने जाते हैं और फिर अपने अपने घर चले जाते हैं


1 हफ्ते बाद मुकुल फिर प्लान करता है मिलने का अदिति खुश होती है और तुरंत तैयार होती है 

अच्छे होटल में दोनों मिलते हैं 


लेकिन इस बार खाली मुकुल नहीं होता है उसके साथ उसके 5 दोस्त और होते हैं 

जो अदिति के साथ सहवास करना चाहते हैं 


मुकुल उसे बोलता है कि यदि उसने उसके दोस्तों। को खुश नहीं किया तो जो सारी फोटो वीडियो है उसे इंटरनेट पे वायरल कर देगा 


अदिति के पास कोई उपाय नहीं था, उसने ऐसा किया, वो किसी कीमत पर नहीं चाहती थी कि उसकी ये बात उसके घर में किसी को पता चले 


वो पुलिस में कंप्लेन नहीं कर सकती थी क्यों की उसे पता था पुलिस छान बीन करेगी और नाम आयेगा 


धीरे धीरे मुकुल के दोस्त और मुकुल अदिति के शरीर का फायदा उठाते 


और कभी कभी किसी और अमीर इंसान से पैसे लेके अदिति को भेजते 


और मजबूरन एक पढ़ने वाली लड़की की जिंदगी तबाह हो जाती जब वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठती तो उसके घर वाले उसका इलाज कराते और 5 साल के लंबे थेरेपी के बाद अदिति थोड़ा सही होती 

लेकिन आज भी उसके मां बाप इस बात से अंजान है कि उसके बेटी के साथ क्या हुआ 


अब आप को बता दें ये अदिति कोई काल्पनिक लड़की नहीं बल्कि मेरे द्वारा इलाज की गई एक पेशेंट की कहानी है 

और ये एक सच्ची घटना है 


लड़कियों और लड़कों के साथ होने वाले इस कृत्य को ग्रुपिंग कहा जाता है जहां पहले एक लड़का लड़की को फंसता है फिर बाकी लड़के और पैसे के दम पे दूसरे लोग भी उसका शोषण करते हैं 


ग्रुपिंग की शिकार ज्यातातर कॉलेज में जाने वाली लड़किया होती है और ज्यादातर शादीशुदा पुरुष होते हैं 


और ज्यादातर ये लड़किया होती है जो मिडिल क्लास की हैं क्यों की उन्हें पता होता है ये तबका सिर्फ अपनी इज्जत बचाना चाहता है 

और ना इनके पास इतना पैसा है कि वो कोर्ट कचहरी कर सके 

इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा बहन बेटियों तक शेयर कीजिए 

यदि आप को भी कोई लड़का मिलता है तो उससे दोस्ती कीजिए लेकिन अपनी लिमिट समझिए, यदि दोस्ती प्यार में बदल रही तो इस चीज को अपने माता पिता के साथ अहरे कीजिए

Sunday, 10 November 2024

गांठ बांध लीजिए...

 गांठ बांध लीजिए...*🪢 कन्याओं का विवाह 21 से 25 वे वर्ष तक, और लड़कों का विवाह 25 से 29वें वर्ष की आयु तक हर स्थिति में हो जाना चाहिए !*

*🪢 फ्लैट न लेकर जमीन खरीदो, और उस पर अपना घर बनाओ! वरना आपकी संतानों का भविष्य पिंजरे के पंछी की तरह हो जाएगा*

*🪢 गांव से नाता जोड़ कर रखें ! और गांव की पैतृक सम्पत्ति, और वहां के लोगों से नाता, जोड़कर रखें !*

*🪢 अपनी संतानों को अपने धर्म की शिक्षा अवश्य दें, और उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर अवश्य ध्यान दें !*

*🪢 किसी भी और आतंकवादी प्रवृत्ति के व्यक्ति से सामान लेने-देने, व्यवहार करने से यथासंभव बचें !*

*🪢 घर में बागवानी करने की आदत डालें,(और यदि पर्याप्त जगह है,तो देशी गाय पालें।* 

*🔖 होली, दीपावली,विजयादशमी, नवरात्रि, मकर संक्रांति, जन्माष्टमी, राम नवमी, आदि जितने भी त्यौहार आयें, उन्हें आफिस/कार्य से छुट्टी लेकर सपरिवार मनाये।* 

*🪢 !(हो सके तो पैदल, व परिवार के साथ )*

🪢 *प्रात: काल 5-5:30 बजे उठ जाएं, और रात्रि को 10 बजे तक सोने का नियम बनाएं ! सोने से पहले आधा गिलास पानी अवश्य पिये (हार्ट अटैक की संभावना घटती है)*

*🪢 यदि आपकी कोई एक संतान पढ़ाई में असक्षम है, तो उसको कोई भी हुनर (Skill) वाला ज्ञान जरूर दें !*

*🪢 आपकी प्रत्येक संतान को कम से कम तीन फोन नंबर स्मरण होने चाहिए, और आपको भी!*

*🪢 जब भी परिवार व समाज के किसी कार्यक्रम में जाएं, तो अपनी संतानों को भी ले जाएं ! इससे उनका मानसिक विकास सशक्त होगा !*

*🪢 परिवार के साथ मिल बैठकर भोजन करने का प्रयास करें, और भोजन करते समय मोबाइल फोन और टीवी बंद कर लें !*

*🪢 अपनी संतानों को बालीवुड की कचरा फिल्मों से बचाएं, और प्रेरणादायक फिल्में दिखाएं !*

*🪢 जंक फूड और फास्ट फूड से बचें !*

*🪢 सांयकाल के समय कम से कम 10 मिनट भक्ति संगीत सुने, बजाएं !*

*🪢 दिखावे के चक्कर में पड़कर, व्यर्थ का खर्चा न करें !*

*🪢 दो किलोमीटर तक जाना हो, तो पैदल जाएं, या साईकिल का प्रयोग करें !*

*🪢 अपनी संतानों के मन में किसी भी प्रकार के नशे (गुटखा, तंबाखू, बीड़ी, सिगरेट, दारू...) के विरुद्ध चेतना उत्पन्न करें,तथा उसे विकसित करें !*

*🪢 सदैव सात्विक भोजन ग्रहण करें, अपने भोजन का ईश्वर को भोग लगा कर प्रसाद ग्रहण करें ! !*

*🪢 अपने आंगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें, व नित्य प्रति दिन पूजा, दीपदान अवश्य करें !*

*🪢 अपने घर पर एक हथियार अवश्य रखें, ओर उसे चलाने का निरन्तर हवा में अकेले प्रयास करते रहें, ताकि विपत्ति के समय प्रयोग कर सकें ! जैसे-लाठी,हॉकी,गुप्ती, तलवार,भाला,त्रिशूल व बंदूक/पिस्तौल लाइसेंस के साथ !*

*🪢 घर में पुत्र का जन्म हो या कन्या का, खुशी बराबरी से मनाएँ ! दोनों जरूरी है ! अगर बेटियाँ नहीं होगी तो परिवार व समाज को आगे बढाने वाली बहुएँ कहाँ से आएगी और बेटे नहीं होंगे तो परिवार समाज व देश की रक्षा कौन करेगा !*

Saturday, 9 November 2024

पति नहीं चाहिए, दोस्त चाहिए

 पति नहीं चाहिए, दोस्त चाहिए


सुबह जब अलसाई आँखों से उठूँ तो उसके डर से नहीं, बल्कि खुद के लिए उठना चाहती हूँ। कभी-कभी कहना चाहूँ कि, "यार, आज तुम चाय बना दो।" एक ऐसा दोस्त चाहिए, जिससे बेझिझक अपनी बात कह सकूँ।


मुझे वो नहीं चाहिए जो हर बात में मुझसे कहे, "ये मत पहनो, वहाँ मत जाओ, इस से मत मिलो।" बल्कि मुझे चाहिए एक दोस्त, जो कहे, "तुम जैसे हो वैसे ही रहो।"


मुझे वो नहीं चाहिए जो खिड़की से झांकता रहे कि मैं किससे बात कर रही हूँ, और शक की कहानियाँ बुन ले। कोई ऐसा चाहिए जो मुझे समझे और कहे, "यार, तुम्हारी सोशल नेचर अच्छी है।" जो मुझसे कहे, "तुम कितनी जल्दी लोगों से घुल-मिल जाती हो, काश मैं भी कर पाता।"

पति नहीं चाहिए, जो मेरे छोटे-छोटे सपनों पर नाराज़ हो। मुझे ऐसा दोस्त चाहिए, जो कहे, "सपने देखो, और उन्हें पूरा करो।" जो कहे, "कभी अपने दोस्तों के साथ पहाड़ों पर घूम आओ, या बारिश में चाय का मज़ा लो।"

मुझे चाहिए वो, जिससे मैं कह सकूँ, "आज मेरी तारीफ करो।" जो मेरे नखरे उठाए और मुझे स्पेशल फील कराए।

मुझे वो नहीं चाहिए जो हर बात पर टोक दे, बल्कि मुझे वो चाहिए जो बारिश में मेरा हाथ पकड़ कर कहे, "आओ खिड़की खोलते हैं और बारिश में भीगते हैं।"

Sunday, 3 November 2024

KBC जहां रुकना संतोष है

 जहां रुकना संतोष है


केबीसी

हाल ही के एक एपिसोड में, नीरज सक्सेना ने "फास्टेस्ट फिंगर" राउंड में सबसे तेजी से जवाब देकर हॉट सीट पर जगह बनाई।


वह बड़े ही शांत भाव से बैठे, बिना चिल्लाए, नाचे, रोए, हाथ उठाए, या अमिताभ को गले लगाए। नीरज एक वैज्ञानिक, पीएच.डी. और कोलकाता की एक विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। उनका स्वभाव सहज और सादा है। उन्होंने खुद को भाग्यशाली माना कि उन्हें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के साथ काम करने का अवसर मिला, और बताया कि पहले वह केवल अपने बारे में सोचते थे, लेकिन कलाम साहब के प्रभाव से उन्होंने दूसरों और देश के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया।


नीरज ने खेलना शुरू किया। उन्होंने एक बार ऑडियंस पोल लाइफलाइन का इस्तेमाल किया, लेकिन चूंकि उनके पास "डबल डिप" लाइफलाइन भी थी, तो उसे भी बाद में इस्तेमाल करने का अवसर मिला। उन्होंने सभी सवालों के जवाब सहजता से दिए, और उनकी बुद्धिमत्ता प्रभावित करने वाली थी। उन्होंने ₹3,20,000 और उसके बराबर बोनस राशि जीत ली, और फिर ब्रेक हुआ।


ब्रेक के बाद, अमिताभ ने घोषणा की, "चलिए, डॉ. साहब, आगे बढ़ते हैं। यहाँ ग्यारहवां सवाल आता है..." तभी, नीरज बोले, "सर, मैं गेम छोड़ना चाहता हूँ।"


अमिताभ को आश्चर्य हुआ। कोई इतना अच्छा खेल रहा है, तीन लाइफलाइन बची हैं, और एक करोड़ (₹1,00,00,000) जीतने का अच्छा मौका है, फिर भी वह छोड़ रहे हैं? उन्होंने पूछा, "ऐसा पहले कभी नहीं हुआ..."


नीरज ने शांतिपूर्वक उत्तर दिया, "अन्य खिलाड़ी इंतजार कर रहे हैं, और वे मुझसे छोटे हैं। उन्हें भी मौका मिलना चाहिए। मैंने पहले ही बहुत पैसे जीत लिए हैं। मुझे लगता है 'जो मेरे पास है, वही काफी है।' मुझे और की इच्छा नहीं है।"


अमिताभ स्तब्ध रह गए और थोड़ी देर के लिए सन्नाटा छा गया। फिर, सभी खड़े हो गए और उन्हें लंबे समय तक तालियों से सम्मानित किया।


अमिताभ ने कहा, "आज हमने बहुत कुछ सीखा है। ऐसा व्यक्ति दुर्लभ है।"


सच कहूं तो यह पहली बार है जब मैंने किसी को अपने सामने इतनी बड़ी संभावना के बावजूद दूसरों को मौका देने और अपने पास जो है उसे पर्याप्त मानने वाला देखा। मैंने मन ही मन उन्हें सलाम किया।


आजकल लोग केवल पैसे के पीछे दौड़ रहे हैं। चाहे जितना भी कमा लें, संतोष नहीं होता, और लालच खत्म नहीं होता। इस दौड़ में वे परिवार, नींद, खुशी, प्रेम, और दोस्ती खो रहे हैं।


ऐसे समय में, डॉ. नीरज सक्सेना जैसे लोग एक अनुस्मारक बनकर आते हैं। आज के समय में संतुष्ट और निःस्वार्थ लोग मिलना मुश्किल है।


उनके खेल छोड़ने के बाद, एक लड़की ने हॉट सीट पर जगह बनाई और अपनी कहानी सुनाई: "मेरे पिता ने हमें, मेरी मां समेत, केवल इसलिए घर से बाहर निकाल दिया क्योंकि हम तीन बेटियां हैं। अब हम एक अनाथालय में रहते हैं..."


मैंने सोचा, अगर नीरज ने छोड़ने का फैसला न किया होता, तो, यह अंतिम दिन होने के कारण, किसी और को मौका नहीं मिलता। उनके इस त्याग के कारण इस गरीब लड़की को कुछ पैसे कमाने का अवसर मिल गया।


आजकल लोग अपनी संपत्ति में से एक पाई भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके लिए हम झगड़े और यहां तक कि हत्याएं होते हुए देखते हैं। स्वार्थ आम हो गया है। लेकिन यह उदाहरण एक अपवाद है।


ईश्वर ऐसे लोगों में बसते हैं जो दूसरों और देश के बारे में सोचते हैं। मैं इस महान व्यक्ति को जीवन भर नहीं भूलूंगा। मुझे खुशी है कि मुझे आज एक अद्वितीय व्यक्ति के बारे में लिखने का मौका मिला।


जब आपकी ज़रूरतें पूरी हो जाएं, तो रुक जाना चाहिए और दूसरों को मौका देना चाहिए। स्वार्थ को छोड़ दें, और सभी खुश रहेंगे। यह सबक मैंने सीखा। मैंने हमेशा ऐसे लोगों की प्रशंसा की है और मानता हूँ कि उनके बारे में ईमानदारी से लिखना समाज के उत्थान के लिए आवश्यक है। 🌹🌹

पिता के बाद पति ही होते हैं जो पत्नियों के लिए हमेशा अमीर होते है ❤️

 एक विवाहित स्त्री जो आपको आकर्षक और सुंदर लगती हैं 😊


याद रखिए कि उसकी सुंदरता भले ही जन्मजात हो लेकिन उस सौंदर्य को बरकरार रखने में एक पुरूष का प्रेम और समर्पण होता है...


 पुरूष जो खुद भूल जाते है कई बार शेव करवाना हेयर कट...


याद रखते हैं त्यौहारों पर स्त्री के लिए की उसे कुछ चाहिए तो नहीं नई साड़ी, चूड़ियां, श्रृंगार...


 वो एडजस्ट कर लेते हैं अपने लिए पर सदैव ये चाहते हैं कि उनकी पत्नी जब घर परिवार के साथ खड़ी हो तो लोगों को उनकी किस्मत पर रश्क हो...


 गौर से देखिएगा कभी उन स्त्रियों का चेहरा जिनके विवाह सफल नहीं हुए या पति जल्दी चले गए ..


आपको एहमियत समझ में आ जाएगी एक स्त्री के जीवन में पुरूष के क्या मायने हैं 😊


शारीरिक रूप से स्त्री एक नहीं हजारों पुरुषों की प्रेमिका हो सकती हैं लेकिन..


 उसे सर का ताज गृह लक्ष्मी अपना मान ये हर कोई नहीं बना सकता है उसे मानसिक रूप से हर पुरूष नही संभाल सकता है...


 भले वो परिवार की धुरी है पर उसे भी एक समतल स्थान चाहिए स्वछंद होकर घूमने के लिए 😊


याद रखिए जब आप कहते है कि एक विवाहिता की उम्र देख कर नहीं लगता कि वो शादीशुदा है या बच्चों की मां है तो उसमें सबसे बड़ा योगदान उस पुरूष का होता है जो किसी की घर की राजकुमारी को अपने घर की रानी बनाकर रखता है...


 पिता के बाद पति ही होते हैं जो पत्नियों के लिए हमेशा अमीर होते है ❤️ 🧿🧿🧿

हिंदू का सारा जीवन दान दक्षिणा, भंडारा, रक्तदान,

 मौलवी खुद दस बच्चे पैदा करता है, और सभी मुस्लिमों को यही शिक्षा देता है। दूसरी तरफ, हिंदू धर्मगुरु, खुद भी ब्रह्मचारी रहता है,  और सभी हिंद...