sunilrathod

Thursday, 10 July 2025

योग्यता अनुभव से आती है

 योग्यता अनुभव से आती है और विश्वास बढ़ाता है मानवीय रिश्तों की चमक

✍🏻✍🏻

योग्यता का कोई आधार नहीं है । कभी कभी एक अनपढ़ भी वो कर देता है, जो बड़े बड़े बुद्धिमान नहीं कर सकते।योग्यता अनुभव से आती है, फिर भी हमारा कानून 21 साल के लड़के को योग्य मानते हैं, जबकि लड़की को 18 साल में योग्य मानते हैं । दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति अपनी “योग्यता” के अनुसार चमकता है, अपनी इच्छा के अनुसार नहीं ! कहते हैं कि अनुभव और अभ्यास हमें बलवान बनाता हैं । दुःख हमें इंसान बनाता हैं । हार हमें विनम्रता सिखाती हैं । जीत हमारे व्यक्तित्व को निखारती है, लेकिन सिर्फ़ विश्वास ही है, जो हमें आगे बढने की प्रेरणा देता है।

योग्यता किसी व्यक्ति की किसी विशेष कार्य को करने की क्षमता है, चाहे वह जन्मजात हो या सीखी हुई। यह एक महत्वपूर्ण कारक है, जो किसी व्यक्ति के सफल होने की संभावना को प्रभावित करता है। हममें से कोई नहीं जानता कि अगले पल क्या होने वाला है, फिर भी हम आगे बढ़ते हैं तो किसके सहारे? यह भरोसा ही होता है, जो हमारे लिए प्रेरक का काम करता है। जिन लोगों को भरोसे की समस्या होती है, उन्हें केवल आईने में देखने की जरूरत होती है। वहां वे उस एक व्यक्ति से मिलेंगे जो उन्हें सबसे अधिक धोखा देगा।


      लेखक: सुनिल राठौड़.. बुरहानपुर MP 

Tuesday, 8 July 2025

कैंसर कोई खतरनाक बीमारी नहीं है

 कैंसर कोई खतरनाक बीमारी नहीं है! डॉ. गुप्ता कहते हैं, लापरवाही के अलावा कैंसर से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। (1). पहला कदम चीनी का सेवन बंद करना है। आपके शरीर में चीनी के बिना, कैंसर कोशिकाएं स्वाभाविक रूप से मर जाती हैं। (2). दूसरा कदम यह है कि एक कप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाएं और इसे सुबह भोजन से पहले 1-3 महीने तक पिएं और कैंसर खत्म हो जाएगा। मैरीलैंड मेडिकल रिसर्च के अनुसार, गर्म नींबू पानी कीमोथेरेपी से 1000 गुना बेहतर, मजबूत और सुरक्षित है। (3). तीसरा कदम है सुबह और रात को 3 बड़े चम्मच ऑर्गेनिक नारियल तेल पिएं, कैंसर गायब हो जाएगा, आप चीनी से परहेज सहित अन्य दो उपचारों में से कोई भी चुन सकते हैं। अज्ञानता एक बहाना नहीं है। अपने आस-पास के सभी लोगों को बताएं, कैंसर से मरना किसी के लिए भी अपमान है; जीवन बचाने के लिए व्यापक रूप से साझा करें।

Friday, 4 July 2025

महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला ने देखा था। सपना...

 सोचिए, आपका फ़ोन बिना तार के चार्ज हो रहा है, या दूर-दराज के इलाकों में भी पलक झपकते ही बिना तार के बिजली पहुंच रही है!

यह बात सुनने में भले ही साइंस फिक्शन लगे, लेकिन अब यह सिर्फ कल्पना नहीं है!


जून 2025 में, अमेरिकी रक्षा अनुसंधान एजेंसी DARPA (Defense Advanced Research Projects Agency) ने न्यू मैक्सिको में एक अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की है।

उन्होंने लेजर तकनीक की मदद से 800 वॉट ऊर्जा को 5.3 मील (8.6 किमी) दूर सफलतापूर्वक भेजा है!

इस 30 सेकंड के प्रयोग में 1 मेगाजूल से अधिक ऊर्जा भेजी गई, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।


यह सफलता साबित करती है कि लंबी दूरी तक वायरलेस बिजली भेजना अब कोई सपना नहीं, बल्कि एक उज्ज्वल वास्तविकता है।

एक शक्तिशाली लेजर और विशेष रिसीवर का उपयोग करके, हवा में उड़ने वाले ड्रोन, बिना ईंधन वाले सैन्य ठिकाने, और यहां तक कि दुर्गम क्षेत्रों में भी बिजली पहुंचाना संभव होगा।


आश्चर्यजनक रूप से, वायरलेस बिजली भेजने का यह सपना लगभग एक सदी से भी पहले महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला ने देखा था।

उन्होंने 'वर्ल्ड सिस्टम' नामक एक विशाल टावर के निर्माण के माध्यम से दुनिया भर में वायरलेस बिजली वितरण की कल्पना की थी, हालांकि विभिन्न सीमाओं के कारण तब यह साकार नहीं हो पाया था।

DARPA की यह सफलता टेस्ला के उस दूरदर्शी सपने को नया जीवन दे रही है!


लेकिन सिर्फ यु'द्ध के मैदान में ही नहीं, यह वायरलेस बिजली तकनीक हमारे दैनिक जीवन में जो क्रांति ला सकती है, वह अकल्पनीय है!

यह तकनीक हमारे दैनिक जीवन को और अधिक सुविधाजनक, कुशल और सुरक्षित बनाएगी।


हो सकता है निकट भविष्य में हम एक ऐसी दुनिया में रहें जहाँ तारों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी और बिजली और अधिक सुलभ होगी। ⚡❤️

Thursday, 3 July 2025

तुमने हमेशा कहा कि मैं तुम्हारी बात नहीं समझता… पर क्या तुमने कभी ये सोचा,

 "तुमने हमेशा कहा कि मैं तुम्हारी बात नहीं समझता…

पर क्या तुमने कभी ये सोचा,

कि समझने के लिए भी तो कुछ कहा जाना चाहिए ?


तुम चुप रही, और मैं हर चुप्पी को तोड़ने की कोशिश करता रहा।

तुमने अपनी थकावट का हवाला दिया,

और मैंने अपनी बेचैनी को तकिए में छुपा लिया।

तुमने कहा, ‘मुझे स्पेस चाहिए।’

और मैंने अपनी पूरी दुनिया ही तुम्हारे लिए खाली कर दी…


पर जब तुम गई,

तो वो दरवाज़ा भी बंद कर गई

जिस पर मैंने उम्मीद टाँग रखी थी।


अब अगर कभी लौटने का मन हो भी,

तो दस्तक मत देना —

क्योंकि मैं अब आवाज़ नहीं पहचानता…"

:सुनिल राठौड़ बुरहानपुर 

Monday, 30 June 2025

दिमाग कहां तक फैला होता है?"

 🧠 "दिमाग कहां तक फैला होता है?"

👉 तस्वीर को ध्यान से देखिए — यह सिर्फ एक दिमाग नहीं, बल्कि मानव तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की अद्भुत और सच्ची झलक है।


हम सोचते हैं कि दिमाग बस सिर तक सीमित होता है, लेकिन सच यह है कि हमारा दिमाग पूरे शरीर में फैला होता है — रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) और तंत्रिकाओं (Nerves) के जरिए।


⚡ क्या है यह जो तस्वीर में दिख रहा है?


📸 इस चित्र में आप देख रहे हैं:


दिमाग (Brain) – जहां हमारे विचार, यादें, भावनाएं और निर्णय बनते हैं।

स्पाइनल कॉर्ड (Spinal Cord) – दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच की सूचना का मुख्य राजमार्ग।

तंत्रिकाएं (Nerves) – जो शरीर के हर हिस्से तक जानकारी पहुँचाती हैं और वहाँ से दिमाग तक संदेश लाती हैं।

💡 कुछ अद्भुत तथ्य:


हमारा दिमाग लगभग 86 अरब न्यूरॉन्स से बना होता है।

ये तंत्रिकाएं इतनी लंबी होती हैं कि अगर एक व्यक्ति की सभी नसों को सीधा किया जाए, तो वे लगभग 100,000 किलोमीटर तक फैल सकती हैं! 😲

यह नेटवर्क इतना तेज़ है कि दिमाग से किसी हिस्से तक संदेश कुछ मिलीसेकंड्स में पहुँच जाता है।

🧘‍♂️ क्या सीख मिलती है?


"दिमाग सिर्फ सोचने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर को चलाने का मुख्य केंद्र है। इसलिए इसे शांति, संतुलन और अच्छे खानपान से स्वस्थ रखना ज़रूरी है।"


योग, मेडिटेशन और संतुलित आहार से ना सिर्फ आपका मन शांत रहता है, बल्कि पूरा नर्वस सिस्टम भी बेहतर तरीके से काम करता है।

📌 याद रखिए:

आपका दिमाग सिर्फ आपके सिर में नहीं — आपकी हर हरकत, हर अनुभव, हर स्पर्श में शामिल होता है।


सही सोचें, गहराई से सोचें — क्योंकि दिमाग वाकई हर जगह है। 

संभोग के दौरान वीर्यपात कितनी देर में होना चाहिए,,,,?- विशेषज्ञों ने बताया सच....।

 संभोग के दौरान वीर्यपात कितनी देर में होना चाहिए,,,,?- विशेषज्ञों ने बताया सच....। 

सभोग के दौरानवीर्यस्खलन (ejaculation) का समय हर पुरुष में अलग-अलग हो सकता है।

यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि आयु, मानसिक स्थिति, शारीरिक स्वास्थ्य, तनाव, जीवनशैली और पहले के अनुभव ।

शोध के अनुसार, संभोग के दौरान प्रवेश (penetration) के बाद 5 से 7 मिनट में ज्यादातर पुरुष वीर्यस्खलन कर लेते हैं।


कुछ पुरुषों का वीर्यपात 1-2 मिनट में ही हो जाता है (जिसे Premature Ejaculation - PE कहा जाता है), जबकि कुछ 10-15 मिनट तक सहवास कर सकते हैं।


वीर्यपात की अवधि बढ़ाने के उपाय:

माइंडफुलनेस और श्वास नियंत्रण: मानसिक तनाव कम करके संभोग की अवधि बढ़ाने में मदद करता है।


स्टॉप-स्टार्ट तकनीक: जब वीर्यस्खलन होने वाला हो, तो थोड़ी देर रुकें और फिर दोबारा शुरू करें।


केगल व्यायाम: पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करके अधिक नियंत्रण पाया जा सकता है।


संतुलित आहार और फिटनेस: शरीर स्वस्थ रहेगा, तो स्टैमिना भी बढ़ेगा।


औसत वीर्यस्खलन का समय:

संभोग शुरू करने के बाद (penetration के बाद) 5-7 मिनट में वीर्यस्खलन सामान्य माना जाता है।


यदि 1-2 मिनट में वीर्यपात हो जाए, तो इसे शीघ्रपतन (Premature Ejaculation - PE) कहा जाता है।


कुछ पुरुष 10-15 मिनट तक सहवास जारी रख सकते हैं।


सही समय क्या होना चाहिए?

संभोग का समय केवल अवधि पर निर्भर नहीं करता, बल्कि संतुष्टि और आनंद पर निर्भर करता है।


महिलाओं को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में औसतन 13-15 मिनट लगते हैं, इसलिए पुरुषों को संभोग के दौरान नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।


संभोग की अवधि बढ़ाने के तरीके:


स्टॉप-स्टार्ट तकनीक: जब वीर्यस्खलन होने वाला हो, तो कुछ समय रुकें और फिर दोबारा शुरू करें।


गहरी सांस लें: मस्तिष्क को शांत रखने से वीर्यपात देर से होता है।


केगल व्यायाम करें: पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करके वीर्यस्खलन को नियंत्रित किया जा सकता है।


सही पोजिशन का चुनाव करें: कुछ मुद्राएं (जैसे स्पूनिंग पोजिशन) वीर्यपात को नियंत्रित कर सकती हैं।


लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें: यह संवेदनशीलता को थोड़ा कम कर सकता है और संभोग की अवधि बढ़ा सकता है।


कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए,,,?

यदि हमेशा 1-2 मिनट में वीर्यस्खलन हो जाता है और साथी असंतुष्ट रहता है।


यदि मानसिक तनाव, थकान या कुछ दवाओं के कारण संभोग का समय कम हो रहा हो।


यदि हार्मोनल या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण शीघ्रपतन की समस्या हो रही हो।


#ayurveda #fb #everyonefollowers #healthtips #viralpost2025シ #viralpost2025 #highlightseveryone #highlighteveryone #

Sunday, 25 May 2025

ऋचा से मेरी शादी के बाद घर में सब खुश थे।

 स्त्री अगर हमे #सम्भोग का सुख देती है तो हम उसके विवश हो जाते है और हमे उसकी हर बात माननी पड़ती है |


ऋचा से मेरी शादी के बाद घर में सब खुश थे। वह न केवल सुंदर और कामुक थी, बल्कि घर के काम में भी दक्ष थी। माँ और पिताजी उससे बहुत खुश थे, और मैं भी। शादी के चार साल बाद, माँ की मृत्यु हो गई और घर की सारी जिम्मेदारी ऋचा पर आ गई। इस बदलाव के साथ ही उसके व्यवहार में भी परिवर्तन आने लगा।


माँ की मृत्यु के बाद, पिताजी की देखभाल का जिम्मा भी ऋचा पर आ गया। अक्सर पिताजी की जरूरतें पूरी करने में उसे फालतू काम लगता था। एक दिन, जब ऋचा बाथरूम से तौलिया लपेटकर निकली, पिताजी ने नजर चुराकर अंदर चले गए। इस घटना पर ऋचा ने मुझसे शिकायत की। मैंने उसे ध्यान रखने को कहा, लेकिन उसने कड़े शब्दों में कहा कि यह घर उसका भी है और वह जैसे चाहे वैसे रह सकती है।


ऋचा ने मुझ पर दबाव डाला कि पिताजी को नीचे के कमरे में शिफ्ट कर दूं। मैं मजबूर था और पिताजी का सामान नीचे शिफ्ट कर दिया। पिताजी ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके चेहरे पर दुख साफ झलक रहा था। कुछ दिन बाद, पिताजी ने हमें दुबई के लिए टिकट बुक की और कहा कि हमें घूमने जाना चाहिए।


जब हम 16 दिन बाद वापस आए, तो देखा कि घर के बाहर ताला लगा हुआ था। माथुर अंकल आए और हमें नए फ्लैट की चाभी और रेंट एग्रीमेंट दिया। #पिताजी ने एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें लिखा था कि उन्होंने घर बेच दिया है और हमें आजादी दी है। उन्होंने अपने लिए एक नया बंगलो लिया और हमारी चिंता न करने को कहा।


मुझे यह समझ नहीं आया कि मैंने अपने पिता के दुख को कैसे अनदेखा कर दिया। पिताजी ने हमें कभी यह बात नहीं बताई कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, लेकिन अब मैं और ऋचा समझते हैं कि उन्होंने क्या सहा होगा। हमारे समाज में लोग पिताजी को गलत ठहराते हैं, लेकिन असल सच्चाई हमें ही पता है।


यह कहानी एक महत्वपूर्ण सबक देती है: पत्नी के साथ जीवन बिताना जरूरी है, लेकिन माता-पिता का सम्मान और उनकी देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसी भी परिस्थिति में माता-पिता से बैर नहीं करना चाहिए।


#जीवन में संतुलन और समझदारी से काम लेना जरूरी है। पत्नी के साथ-साथ माता-पिता की भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यह कहानी हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना ही सच्ची सफलता है।

हिंदू का सारा जीवन दान दक्षिणा, भंडारा, रक्तदान,

 मौलवी खुद दस बच्चे पैदा करता है, और सभी मुस्लिमों को यही शिक्षा देता है। दूसरी तरफ, हिंदू धर्मगुरु, खुद भी ब्रह्मचारी रहता है,  और सभी हिंद...