sunilrathod

Tuesday, 5 May 2020

कविता कोविड-19

मंदिर-मस्जिद बंद कराकर ,
लटका विद्यालय पर ताला !
सरकारों को खूब भा रही ,
धन बरसाती मधुशाला !! 😐

     डिस्टेंसिंग की ऐसी तैसी ,
     लाकडाउन को धो डाला !
     भक्तों के व्याकुल हृदयों पर
     रस बरसाती मधुशाला ।।😐

बन्द रहेंगे मंदिर मस्ज़िद ,
खुली रहेंगी मधुशाला।
ये कैसे महामारी है ,
सोच रहा ऊपरवाला।।😐

नशा मुक्त हो जाता भारत
तो कैसे चलती मधुशाला
व्यवसाय रुका है उन गरीबों का,
 जो नोट की जपते थे माला।।😐

नहीं मिल रहा राशन पानी,
मगर मिलेगी मधुशाला।
भाड़ में जाए जनता बेचारी,
दर्द में है पीने वाला।।😐

आपत्ति नहीं जताओ कोई,
खुलने दो ये मधुशाला।
कोराना मुक्त होगा भारत,
जब ठेके पर चलेंगे त्रिशूल और भाला।।😐

मेरी विनती है तुम सब से,
गर जाए कोई मधुशाला।
वापिस ना आने दो उसको,
तुम बंद करो घर का ताला।।😐

दुनिया है बरबाद,
और इन्हे चाहिए मधुशाला।
घर में ही रह लो पागल लोगो,
ना बचा पाएगा वो रखवाला।।😐

मंदिर मस्जिद बंद पड़े हैं,
मगर खुलेंगी मधुशाला।
ये कैसे महामारी है,
सोच रहा ऊपर वाला।।😐


        Taken from whatsapp

Monday, 4 May 2020

मैंने एक फूल से कहा...क़विता (Taken from whatsapp)

*मैंने एक फूल से कहा*:...

कल तुम मुरझा जाओगे:..!
*फिर क्यों मुस्कुराते हो* ..?
व्यर्थ में यह ताजगी ...
*किस लिए लुटाते हो* ..??

फूल चुप रहा...!!

*इतने में एक तितली आई* ..!
पल भर आनंद लिया ..!
*उड गई* ..!!

एक भौंरा आया..!
*गान सुनाया* ..!
सुगंध बटोरी..!
*और आगे बढ गया* ..!!

एक मधुमक्खी आई..!
*पल भर भिन भिनाई* ..!
पराग समेटा ..! और ...
*झूमती गाती चली गई* ..!!

खेलते हुए एक बालक ने ...
*स्पर्श सुख लिया* ..!
रूप-लावण्य निहारा..!
*मुस्कुराया*..! और...
खेलने लग गया..!!

*तब फूल बोला*:-----
मित्र: !
*क्षण भर को ही सही*:...
मेरे जीवन ने कितनों...
*को सुख दिया* ..!
क्या तुमने भी कभी..?
*ऐसा किया* ..???

कल की चिन्ता में ...
*आज के आनंद में* ...
विराम क्यो करूँ..?
*माटी ने जो* ...
रूप; रंग; रस; गंध दिए ..!
*उसे बदनाम क्यो करूँ*..?

मैं हँसता हूँ..! क्योंकि...
*हँसना मुझे आता हैं* ..!
मैं खिलता हूँ..! क्योंकि ...
*खिलना मुझे सुहाता हैं* ..!

मैं मुरझा गया तो क्या ..?
*कल फिर एक* ...
नया फूल खिलेगा ..!
*न कभी मुस्कान* रुकी हैं .. _नही सुगंध_ ...!!

*जीवन तो एक* सिलसिला है ..!
*इसी तरह चलेगा* :!!

जो आपको मिला है ...
*उस में खुश रहिये* ..!
और प्रभु का ...
*शुक्रिया कीजिए* ..!
क्योंकि आप जो ...
*जीवन जी रहे हैं* ...
वो जीवन कई लोगों ने ...
*देखा तक नहीं है*..!

खुश रहिये ..!
*मुस्कुराते रहिये* ..!
और अपनों को भी ...
*खुश रखिए* ..!
                                        व्हाट्सएप से लिया।
                                       Taken from whatsapp

Saturday, 25 April 2020

Ashutosh Rana ji ki Best kavita

हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ,
सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ ।
सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में
आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में,
खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर, आज तुम्हे ललकार रही,
सोये सिंह जगो भारत के, माता तुम्हे पुकार रही ।
रण की भेरी बज रही, उठो मोह निद्रा त्यागो,
पहला शीष चढाने वाले, माँ के वीर पुत्र जागो।
बलिदानों के वज्रदंड पर, देशभक्त की ध्वजा जगे,
और रण के कंकण पहने है, वो राष्ट्रभक्त की भुजा जगे ।।

अग्नि पंथ के पंथी जागो, शीष हथेली पर धरकर,
जागो रक्त के भक्त लाडले, जागो सिर के सौदागर,
खप्पर वाली काली जागे, जागे दुर्गा बर्बंडा,
और रक्त बीज का रक्त चाटने, वाली जागे चामुंडा ।
नर मुंडो की माला वाला, जगे कपाली कैलाशी,
रण की चंडी घर घर नाचे, मौत कहे प्यासी प्यासी,
रावण का वध स्वयं करूँगा, कहने वाला राम जगे,
और कौरव शेष न एक बचेगा, कहने वाला श्याम जगे ।।

परशुराम का परशु जगे, रघुनन्दन का बाण जगे ,
यदुनंदन का चक्र जगे, अर्जुन का धनुष महान जगे,
चोटी वाला चाणक्य जगे, पौरुष का पुरष महान जगे
और सेल्यूकस को कसने वाला, चन्द्रगुप्त बलवान जगे ।
हठी हमीर जगे जिसने, झुकना कभी नहीं जाना,
जगे पद्मिनी का जौहर, जागे केसरिया बाना,
देशभक्ति का जीवित झण्डा, आजादी का दीवाना,
और वह प्रताप का सिंह जगे, वो हल्दी घाटी का राणा ।।

दक्खिन वाला जगे शिवाजी, खून शाहजी का ताजा,
मरने की हठ ठाना करते, विकट मराठो के राजा,
छत्रसाल बुंदेला जागे, पंजाबी कृपाण जगे,
दो दिन जिया शेर के माफिक, वो टीपू सुल्तान जगे ।
कनवाहे का जगे मोर्चा, जगे झाँसी की रानी,
अहमदशाह जगे लखनऊ का, जगे कुंवर सिंह बलिदानी,
कलवाहे का जगे मोर्चा, पानीपत मैदान जगे,
जगे भगत सिंह की फांसी, राजगुरु के प्राण जगे ।।

जिसकी छोटी सी लकुटी से (बापू ), संगीने भी हार गयी,
हिटलर को जीता वे फौजेे, सात समुन्दर पार गयी,
मानवता का प्राण जगे, और भारत का अभिमान जगे,
उस लकुटि और लंगोटी वाले, बापू का बलिदान जगे।
आजादी की दुल्हन को जो, सबसे पहले चूम गया,
स्वयं कफ़न की गाँठ बाँधकर, सातों भावर घूम गया,
उस सुभाष की शान जगे, उस सुभाष की आन जगे,
ये भारत देश महान जगे, ये भारत की संतान जगे ।।

क्या कहते हो मेरे भारत से चीनी टकराएंगे ?
अरे चीनी को तो हम पानी में घोल घोल पी जाएंगे,
वह बर्बर था वह अशुद्ध था, हमने उनको शुद्ध किया,
हमने उनको बुद्ध दिया था, उसने हमको युद्ध दिया ।
आज बँधा है कफ़न शीष पर, जिसको आना है आ जाओ,
चाओ-माओ चीनी-मीनी, जिसमें दम हो टकराओ
जिसके रण से बनता है, रण का केसरिया बाना,
ओ कश्मीर हड़पने वाले, कान खोल सुनते जाना ।।

रण के खेतो में जब छायेगा, अमर मृत्यु का सन्नाटा,
लाशो की जब रोटी होंगी, और बारूदों का आटा,
सन सन करते वीर चलेंगे, जो बामी से फन वाला,
फिर चाहे रावलपिंडी वाले हो, या हो पेकिंग वाला ।
जो हमसे टकराएगा, वो चूर चूर हो जायेगा,
इस मिटटी को छूने वाला, मिटटी में मिल जायेगा,
मैं घर घर में इन्कलाब की, आग लगाने आया हूँ,
हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूं ।। - 2
बांट दिया इस धरती को , क्या चांद सितारों का होगा ....
नदियों के कुछ नाम रखे ..
बहती धारो का क्या होगा ..
शिव की गंगा भी पानी है ,
आबे जम जम भी पानी है ,
मुल्ला भी पिये , पंडित भी पिये , पानी का मज़हब क्या होगा ..?
इन फिरकापरस्तों से पूछो क्या सूरज अलग बनाओगे ..एक हवा में सांस है सबकी क्या हवा भी अलग बनाओगे
नस्लो का जो करे जो बटवारा रहवर वो कॉम का ढोंगी है .. क्या खुदा ने मंदिर तोड़ा था या राम ने मस्ज़िद तोड़ी है ...
                                                                A.Rana

Wednesday, 22 April 2020

मुझे सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी।मेरे पोस्टर बैनर लगाए। उनका धन्यवाद।
और जिन्होंने मन के मन में शुभकामनाएं दी उनका भी धन्यवाद।
दोस्ती एक ऐसा अजीत जज्बा है। 
जिसकी ना  कोई सीमा होती है 
ना ही कोई हद होती है। 
दोस्ती अनेक प्रकार की होती है।

Friday, 17 April 2020

मुझे मेरे हिन्दू होने पर नाज है , तुझे तेरे मुस्लिम होने पर नाज है

मुझे मेरे हिन्दू होने पर नाज है
तुझे तेरे मुस्लिम होने पर नाज है

लेकिन राम मेरा भी मुझसे नाराज है
और खुदा तेरा भी तुझसे नाराज है

पाप मैंने भी किए होंगे कभी
गुनाह तूने भी किए हों शायद कभी

इंसानियत को खोने की सजा
शायद मालिक हमको दे रहा है

ना राम मुझे मंदिर में बुला रहा है
ना खुदा तुझे मस्जिद में बुला रहा है

तो खता मेरी भी उतनी ही है
और गलती तेरी भी उतनी ही है

आ वक्त रहते संभल जाएं और ..
इंसानियत के धर्म को अपना ले

मैं चाहे उसे ईश्वर कह लू
तू उसे अल्लाह कह ले
है तो सब एक ही

हिंदू मुस्लिम को छोड़कर
चलो हम सब मिलकर
एक बने और नेक बने
सिर्फ भारतीय प्रत्येक बने

अब तू अपने खुदा को खुश कर
मैँ अपने प्रभु राम को मनाऊं
इस संकट से मुक्त करो हे ईश्वर -अल्लाह
अवसर दे , मैँ फिर से इंसान बन जाऊं ।

Saturday, 11 April 2020

My First Song.




तुम्हें देखे..... बिना जाने.....तेरी तस्वीर बनादी है।2
तुम्हें चाहे..... बिना चाहे..... तेरी सूरत बना दी है।
तू कितनी खूबसूरत है....तेरी धड़कन सुनाती है।
तू कितनी मशरूम में है....तेरी मासूमियत बताती है।

तुम्हें देखे..... बिना जाने.....तेरी तस्वीर बनादी है।2
तुम्हें चाहे..... बिना चाहे..... तेरी सूरत बना दी है।
तुझ पर रहमत खुदा की......तू नूर है जन्नत की
तुझ पर नजर है जमाने की ....तु कली है कमल की

तुम्हें देखे..... बिना जाने.....तेरी तस्वीर बनादी है।2
तुम्हें चाहे..... बिना चाहे..... तेरी सूरत बना दी है।
तू कितनी चंचल है .....तेरी सादगी बताती है।
तू समंदर है....किनारा हूं मै.. ..........
तू नूर है... नुमाइश है तेरी.......
तू हुस्न है.. नजाकत है तेरी.....
तू रोनक है.. जमाने कि.....
तू जमाने की चाहत है मेरी.......
तू जमीलु जिद्दन...हल अंता मुता अंकिद..
(आप बहुत खूबसूरत हो क्या आपको यकीन है)

चाहता हूं तुझे.... तेरा सहारा हूं मैं.........
तू.नजाकत है...तेरा दीवाना हूं मैं।...

तुम्हें देखे..... बिना जाने.....तेरी तस्वीर बनादी है।2
तुम्हें चाहे..... बिना चाहे..... तेरी सूरत बना दी है।

लेखक : सुनिल राठोड
म्यूजिक:
गायक:
एक्टर:










Saturday, 4 April 2020

     
                लॉकडाउन कॉन्टेस्ट स्टडी

पूरी ईमानदारी से लॉक डाउन का पालन करने वालों के लिए एक सुनहरा मौका।घर बैठे पढ़ाई के साथ में पुरस्कार भी
जितने भी बंदे प्रतियोगिता परीक्षा। की तैयारी कर रहे हैं वह खेल सकते हैं मेरे साथ में लॉकडाउन कॉन्टेस्ट स्टडी
           
                          नियम व शर्तें।

1) शुरुआती कॉन्टेस्ट में 25 बंदे होगे। सभी बंधुओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।जो ग्रुप में।सबसे पहले जवाब देगा उसको ₹100 का गूगल पे कर दिया जाएगा।

2)कॉन्टेस्ट में भाग लेने के लिए आपको ₹10 का गूगल पे करके उसका स्क्रीनशॉट लेकर व्हाट्सएप करना होगा।W9993029777 पर।

3) कांटेक्ट चालू होने का समय दिनांक 5/04/2020,दिन रविवार शाम को 5:00 से 5:15 तक।

4) सभी सवाल जनरल नॉलेज के होगे।कृपया कोई भी गूगल पर सर्च करके जवाब ना भेजे। ऐसा करने से धोखा आप अपने आप को दे रहे हो मुझे नही।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क......S.N.R.9993029777

( कृपया इस लेख को इंटरनेट पर वायरल ना करें यह मेरा व्यक्तिगत एव दोस्तों के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए है )


                                                                  धन्यवाद


Sunday, 29 March 2020

👌🏽Bahut hi sundar kavita 👌🏽👌🏽संकलन लेखराम जी द्वारा

👌🏽👌🏽Bahut hi sundar kavita 👌🏽👌🏽संकलन लेखराम जी द्वारा

*कंद-मूल खाने वालों से*
मांसाहारी डरते थे।।

*पोरस जैसे शूर-वीर को*
नमन 'सिकंदर' करते थे॥

*चौदह वर्षों तक खूंखारी*
वन में जिसका धाम था।।

*मन-मन्दिर में बसने वाला*
शाकाहारी *राम* था।।

*चाहते तो खा सकते थे वो*
मांस पशु के ढेरो में।।

लेकिन उनको प्यार मिला
' *शबरी' के जूठे बेरो में*॥

*चक्र सुदर्शन धारी थे*
*गोवर्धन पर भारी थे*॥

*मुरली से वश करने वाले*
*गिरधर' शाकाहारी थे*॥

*पर-सेवा, पर-प्रेम का परचम*
चोटी पर फहराया था।।

*निर्धन की कुटिया में जाकर*
जिसने मान बढाया था॥

*सपने जिसने देखे थे*
मानवता के विस्तार के।।

*नानक जैसे महा-संत थे*
वाचक शाकाहार के॥

*उठो जरा तुम पढ़ कर देखो*
गौरवमय इतिहास को।।

*आदम से आदी तक फैले*
इस नीले आकाश को॥

*दया की आँखे खोल देख लो*
पशु के करुण क्रंदन को।।

*इंसानों का जिस्म बना है*
शाकाहारी भोजन को॥

*अंग लाश के खा जाए*
क्या फ़िर भी वो इंसान है?

*पेट तुम्हारा मुर्दाघर है*
या कोई कब्रिस्तान है?

*आँखे कितना रोती हैं जब*
उंगली अपनी जलती है

*सोचो उस तड़पन की हद*                   
जब जिस्म पे आरी चलती है॥

*बेबसता तुम पशु की देखो*
बचने के आसार नही।।

*जीते जी तन काटा जाए*,
उस पीडा का पार नही॥

*खाने से पहले बिरयानी*,
चीख जीव की सुन लेते।।

*करुणा के वश होकर तुम भी*
गिरी गिरनार को चुन लेते॥

*शाकाहारी बनो*...!

ज्ञात हो इस कविता का जब TV पर प्रसारण हुआ था तब हज़ारो लोगो ने मांसाहार त्याग कर *शाकाहार* का आजीवन व्रत लिया था।

🙏🌷🍏🍊🍋🍉🍓🙏

*कृपया ये msg मानवता को* जीवित रखने के लिए सभी को भेजें।

Friday, 27 March 2020

कोविड-19 को लेकर सेवा और सहयोग।

प्रिय देशवासियों
            आज भारत में कोविड-19 को  लेकर जो कोहराम मचा हुआ है। इतनी भयानक स्थिति में  अपनी जान जोखिम में डालकर अपने देश की   रक्षा केे लिए दिन-रात सेवा में लगे हैं। उन सभी।डॉक्टर,नर्स,सफाई कर्मी   पुलिसकर्मी रिसर्च सेंटर,मेडिकल स्टाफ।मीडिया कर्मी और जितने भी लोग ड्यूटी पर तैनात हैं उन सभी को हमारी सहायता एवं   सहयोग की जरूरत है। 
         * भारत में जितने भी उद्योगपति है। बॉलीवुड स्टार है स्पोर्ट्समैन .सांसद,विधायक ,मंत्री.महापौर।क्लास वन क्लास टू अधिकारी और सभी धर्मों की धार्मिक स्थान की दानपेटीया
सभी राष्ट्रीय संत।एक छोटी सी उम्मीद गायत्री परिवार,और आर.एस.एस जैसी संस्था सेभी है।यहां सभी लोग पूरी इमानदारी से अगर एक महीने की सैलरी इस आपदा की घड़ी में सहायता करते हैं।तो जरूर हमें कोरोना वायरस को हराने में सहायता मिलेगी

*और भारत में जितने भी सरकारी कर्मचारी है। उनकी 
21 दिन के लॉकडाउन की सैलेरी में से 11 दिन की सैलेरी उनकी स्वेच्छा से अगर।आपदा सहायता कोष में मदद।करे। तो सभी भारतीयों को पूरे विश्व में एक मिसाल के तौर पर देखा जायेेेगा।
* हम सभी भारतीयों का फर्ज है
प्रशासन के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। आज के समय यही सबसे बड़ा सहयोग है अपने-अपने घरों में रहे। 
उदाहरण...
महाभारत में जब अश्वत्थामा ने पांडवों के ऊपर।
महा विनाशकारी, पूरे ब्रह्मांड में एवं पूरी सृष्टि पर।
जिसका कोई तोड़ नहीं था। नारायणस्त्र छोड़ा था।
उस समय नारायणअस्त्र को शांत करने का। एक।
ही उपाय था। 
अपनी-अपनी जगह पर हाथ जोड़कर पूरी ईमानदारी
से खड़े रहे...(बाकी आप लोग मुझसे ज्यादा समझदार हो)

ईश्वर ने हमें कठिन परिस्थितियों का सामना करने का मार्ग बता रखा है। अगर हम पूरी ईमानदारी से अपने अपने घरों में एक जगह रहेंगे तो जरूर हमको विजय प्राप्त होंगी।
                                                       
*न्यूज़ के अनुसार 
कोरोना संक्रमित -->750
                   मृत्यु--->16                                                                                                          मेरी व्यक्तिगराय                                                              सुनिल राठोड
______________________________________________

 मंदिरों द्वारा कोरोना आपदा में दिया गया दान

▪श्रीतिरुपति बालाजी मंदिर ट्रस्ट --- 200 करोड़
▪साई संस्थान---51 करोड
▪माता वैष्णोदेवी मंदिर ट्रस्ट -- 7 करोड़
▪श्रीमहावीर हनुमान मंदिर, पटना -- 1 करोड़
▪श्रीखाटूश्याम जी मंदिर, राजस्थान -- 11 लाख
▪श्रीसालासर बालाजी धाम, राजस्थान -- 11 लाख
▪जीणमाता मंदिर, राजस्थान- 5 लाख

और भी अनेकों मंदिरों द्वारा दान दिया जा रहा है। 

इनके अलावा हिंदू सेलेब्रिटि और व्यापारियों द्वारा 
▪ अक्षय कुमार ---- 25 करोड़
▪ अजय देवगन ----- 15 करोड़
▪ अनिल अग्रवाल- 200 करोङ
▪ आनंद महिंद्रा ----- 300 करोड़
▪ मुकेश अंबानी ---- 500 करोड़
*  रतन टाटा --------1500 करोड इनके अलावा 
*  बाबा रामदेव-----25 करोड
*   विराट कोहली ------03 करोड
*   सानिया मिरजा--- 1.25 करोड
*   नाना पाटेगर ------50 लाख
*    सलमान खान----



▪मुकेश अंबानी नें 100 बैड का स्पेशल  Covid19 Dedicated अस्पताल बनवाया। 

 ▪आनंद महिंद्रा नें वेंटिलेटर बनाना शुरु किया - सरकार को लागत से 50% कीमत पर (50% कीमत खुद वहन करेंगे) देंगें । 
-------------------------------------------------------------------------
क्या आप जानते हैं ...देश मे
545 साँसद,
245 राज्यसभा सांसद
4120 विधायक
है।

कुल मिलाकर 4910 जनप्रतिनिधि है वर्तमान में

अगर यह सारे जनप्रतिनिधि मिलकर अपने व्यक्तिगत खातों मे से 5-5 लाख ₹ भारत सरकार को दे।

जो इतनी बड़ी रकम भी नही है इन जनप्रतिनिधियों के लिए..
इससे कई गुना की ज्यादा रकम तो चुनाव के 1 दिन पहले D कि पेटी बांटने में लगा देते हैं यह लोग।

तो भारत देश को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए 2,455,000,000 लाख ( 2 अरब 45 करोड़ 50 लाख ) रुपये इकट्ठे हो सकते हैं।

इसलिए हमारी अपने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से प्रार्थना है कि वो भारत देश के इन माननीय जनप्रतिनिधियों से यह अपील करें की वो अपने व्यक्तिगत खातों से 5-5 लाख रुपये देश की सेवा के लिए दान करे।

(देश के सभी पार्षद 1000 सरपंच 500 Sachiv ₹100  मुख्यमंत्री सहायता कोष में  देकर अपनी मानवता का परिचय दें हमें पता है आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा)   👏


अपने अपने सांसद विधायक पार्षद के नंबर पर सेंड करो हो सकता है उनका जमीर जाग जाए।....

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..

 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के नाम छोटा सा संदेश.. छोड़ा मुंह बड़ी बात..   राज नेता, कुछ विपक्षी दल,संगठन,मीडिया.सभी, के सभी अपनी अपनी र...